सोमनाथ सोनकर
 बस्ती
अब नगर पालिका परिषद बस्ती की सीमा में पड़ने वाली जमीन व भवनों का दाखिल-खारिज कराना दस गुना महंगा हो गया है। वहीं बैनामा व अन्य स्रोतों से मिली संपत्तियों के नामांतरण के लिए भी क्रेता को भारी-भरकम राशि अदा करनी होगी। इस निर्णय से दाखिल-खारिज करवाने वाले आवेदकों में हड़कंप मचा है।
फरवरी 2020 से नगर पालिका में दाखिल-खारिज (नामांतरण) शुल्क की नई दरें लागू हो चुकी हैं। इसके पूर्व हर तरह के दाखिल-खारिज के लिए महज 250 रुपये अदा करने पड़ते थे और अभिलेखों में नामांतरण कर दिया जाता था। इसके लिए उप्र सरकार ने गजट जारी कर नए शुल्क का निर्धारण किया है और इसे शहरी निकायों के बोर्ड की बैठक में पारित होने का निर्देश दिया गया था। उसी के क्रम में उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 301 के तहत अंतिम रूप दिया गया है। बस्ती नपा बोर्ड की बैठक में भी नए दरों की स्वीकृति दी जा चुकी है।
यह हुआ श्रेणीवार नामांतरण शुल्क
- पैतृक संपत्ति अथवा वारिस के रूप में प्राप्त संपत्ति के लिए 2500 रुपये
- पारिवारिक समझौता में प्राप्त संपत्ति के लिए 3500 रुपये
- पंजीकृत विलेख से प्राप्त 10 लाख रुपये अथवा उसके ऊपर के लिए 1.0 प्रतिशत
- पंजीकृत विलेख से प्राप्त 20 लाख रुपये अथवा उसके ऊपर के लिए 1.2 प्रतिशत
- पंजीकृत विलेख से प्राप्त 40 लाख रुपये अथवा उसके ऊपर के लिए 1.4 प्रतिशत
पंजीकृत विलेख से प्राप्त 60 लाख रुपये अथवा उसके ऊपर के लिए 1.8 प्रतिशत
- पंजीकृत विलेख से प्राप्त 80 लाख रुपये अथवा उसके ऊपर के लिए 2.0 प्रतिशत
दाखिल-खारिज की दरों में सरकारी गजट के अनुसार बदलाव किया गया है। आवेदक निर्धारित शुल्क जमा कर नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।
अखिलेश  त्रिपाठी, ईओ, नपा बस्ती
Share To:

Post A Comment: