सोमनाथ सोनकर
बस्ती
बस्ती । कोरोना वायरस के कारण एहतियात बरतने की सरकार ने अपील की है। इसके साथ सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है जिससे ज्यादा लोग एक स्थान पर एकत्र न हो, क्योंकि कोरोना का वायरस हवा नहीं बल्कि लोगों के संपर्क के कारण फैलता है। यह बीमारी भारत में तीसरे चरण में न पहुंचे उसके लिए सरकार ने जरूरी होने पर ही घर से निकलने की हिदायत दी है।
कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार ने 16 मार्च को प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान तथा उनमें चल रही परीक्षाओं को दो अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में बड़े मंदिरों, सिनेमा हाल व सभी पर्यटन स्थलों को भी 31 मार्च तक बंद कर दिया है। लेकिन बस्ती में चल रहे कोचिंग सेंटर बंद नहीं हुए। यहां प्रतिदिन सुबह से शाम तक अलग अलग समय पर सैकड़ों छात्र एक दूसरे से सटकर बैठ रहे हैं। सरकार के एक से आठ तक के सभी विद्यालयों को पूर्णरूप से बंद करने के निर्देश के बावजूद कुछ निजी विद्यालय अपने अध्यापकों को नियमित विद्यालय बुलाकर एक जगह एकत्र होने पर मजबूर कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यदि भारत में कोविड 19 संक्रमण तीसरे चरण में पहुंचा तो फिर इसके परिणाम भयावह होंगे। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. बृज भूषण मौर्य ने बताया कि सरकार ने जो भी निर्देश दिए हैं उसका पालन सभी के लिए अनिवार्य है। यदि कोचिंग सेंटर दो अप्रैल से पहले खुले पाए गए तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि एक से आठ तक संचालित निजी विद्यालयों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को भी 2 अप्रैल तक विद्यालय पूर्ण रूप से बन्द करने के निर्देश दे दिये गये हैं यदि कहीं ऐसा मिलेगा तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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