अमित श्रीवास्तव
संपादक
हिन्द न्यूज़ टाइम्स
बस्ती
मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा सोमवार को फ्लोर टेस्ट न कराने पर अब मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक आ पहुंचा है. एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन के निर्देश पर भी फ्लोर टेस्ट नहीं कराने औऱ 26 मार्च तक विधानसभा स्थगित किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. गौरतलब है कि बीजेपी ने रविवार को ही सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से मध्य प्रदेश के सियासी संकट को लेकर गहन विचार-विमर्श किया था.
मप्र विधानसभा 26 मार्च के लिए स्थगित
इसके पहले मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया.
इसके पहले मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया.
बीजेपी दे चुकी थी पहले ही संकेत
बीजेपी ने रविवार को ही संकेत दे दिए थे कि मध्य प्रदेश में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद फ्लोर टेस्ट न होने की स्थिति में भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने यह बात यहां मीडिया से कही थी. उधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में मौजूदा परिस्थितियों में फ्लोर टेस्ट कराए जाने को अलोकतांत्रिक बताया है. राज्यपाल पहले ही कह चुके हैं कि उनके अभिभाषण के तुरंत बाद सरकार को फ्लोर टेस्ट का सामना करना होगा, जबकि विधानसभा की कार्यवाही की लिस्ट में सोमवार को फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं है. इसको लेकर सत्ता विपक्ष में गतिरोध कायम है.
बीजेपी ने रविवार को ही संकेत दे दिए थे कि मध्य प्रदेश में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद फ्लोर टेस्ट न होने की स्थिति में भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने यह बात यहां मीडिया से कही थी. उधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में मौजूदा परिस्थितियों में फ्लोर टेस्ट कराए जाने को अलोकतांत्रिक बताया है. राज्यपाल पहले ही कह चुके हैं कि उनके अभिभाषण के तुरंत बाद सरकार को फ्लोर टेस्ट का सामना करना होगा, जबकि विधानसभा की कार्यवाही की लिस्ट में सोमवार को फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं है. इसको लेकर सत्ता विपक्ष में गतिरोध कायम है.


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