देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के फैसले संक्रमण से निपटने के लिए लॉकडाउन लागू है. देश में लॉकडाउन की वजह से कई लोग दूसरे जगह पर फंस हुए हैं. इनमें प्रवासी मजदूर (Migrant Labourers), पर्यटक, तीर्थयात्री छात्र शामिल है. इसे लेकर गृह मंत्रालय ने फंसे हुए लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है.
बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे कुछ राज्यों की मांग पर गृह मंत्रालय ने अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्री, पर्यटकों छात्रों की आवाजाही के लिए गाइडलाइन तैयार की है. नई गाइडलाइन के अनुसार, सभी राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों को अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने फंसे हुए लोगों को वापस भेजने लेने के लिए एक एसओपी की तैनाती करनी होगी. एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के इच्छुक लोगों के लिए राज्यों को आपस में बात करनी पड़ेगी.
MHA की गाइडलाइन के अनुसार, एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जा रहे लोगों की पहले जांच होगी. जांच के बाद ही प्रवासी लोगों को घर भेजा जाएगा. ऐसे लोगों को अपने गंतव्य पर पहुंचने पर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए क्वारनटीन किया जाएगा. इसके साथ ही इन सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
गृह मंत्रालय द्वारा कुछ शर्तों के साथ प्रवासी श्रमिकों, छात्रों, घूमने गए यात्री अपने राज्य लौट सकेंगे. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि बड़ी संख्या में जो प्रवासी श्रमिक छात्र एवं विभिन्न राज्यों में घूमने गए यात्री आदि को काफी राहत मिलेगी. इस संबंध में लगातार प्रयास किया जा रहा था. इससे कोटा में फंसे छात्रों को बिहार लाने में आसानी होगी. इस दौरान सभी निर्देशों का पालन आदि करने का शर्त भी रखा गया है. बिहार के जो छात्र कोटा में अभी लॉक डाउन की वजह से रुके हुए हैं उनका भी आने का रास्ता साफ हो गया है वह शीघ्र अपने गृह राज्य पहुंचेंगे


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