कोरोना ने छीन ली जस्टिस अजय त्रिपाठी की जिंदगी, एक महीने से थे संक्रमित.
बिहार के निवासी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके अजय कुमार त्रिपाठी अब हमारे बीच नहीं रहे. जस्टिस अजय त्रिपाठी को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था.जब वहां भी उनकी हालत नहीं सुधरी तब उन्हें जयप्रकाश नारायण अपैक्स ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया गया.यहाँ वेंटिलेटर पर उन्हें रखा गया .पिछले कई दिनों से उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी.
खबर के मुताबिक अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में ही वो बीमार पड़े. तकलीफ बढ़ने की वजह उनका सेंपल जांच में लिया गया, जिसमें उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया.उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन वो जिंदगी की जंग हार गए.शनिवार को उन्होंने इस दुनिया को छोड़ दिया.अजय त्रिपाठी न्यायिक जगत के एक ऐसे सितारे थे जिनकी सादगी और ईमानदारी की अधिवक्ता कसमें खाते थे.वो पहले बिहारी थे जो लोकपाल के सम्मानित सदस्य बने थे.बिहार के गौरव को बढ़ाया था.
अजय त्रिपाठी पटना हाईकोर्ट में बहुत दिनों तक वकालत कर चुके थे.पटना हाईकोर्ट के न्यायधीश बने फिर 10 दिसंबर, 2009 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने लोकपाल सदस्य बनने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.वो अपने परिवार के साथ दिल्ली में रह रहे थे.उनके निधन की खबर से पुरे देश के न्यायिक महकमे में शोक की लहर फ़ैल गई है.अजय त्रिपाठी के निधन से बिहार के लोग शोक की दरिया में डूब गए हैं.


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