लखनऊ. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल का रविवार दोपहर गोरखपुर के पनेशिया अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि इनका निधन हार्ट फेल होने की वजह से हुआ है। 2018 के उपचुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन्हें गोरखपुर का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया था। हालांकि उस दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
जानकारी के मुताबिक भाजपा के प्रदेश उपाध्‍यक्ष और 2018 के लोकसभा उपचुनाव में गोरखपुर सीट से सांसद उम्‍मीदवार रहे उपेन्‍द्र दत्‍त शुक्‍ल का रविवार को गोरखपुर के एक निजी नर्सिंग होम में निधन हो गया. दोपहर में हार्ट अटैक के बाद उन्‍हें वहां दाखिल कराया गया था.
निधन की खबर पाकर थोड़ी ही देर में अस्‍पताल और उनके आवास पर भाजपा नेताओं, शुभचिंतकों और समर्थकों की भीड़ इकट्ठी हो गई. वह भाजपा संगठन में विभिन्‍न पदों पर रहे. योगी आदित्‍यनाथ के मुख्‍यमंत्री बन जाने के बाद खाली हुई गोरखपुर सीट पर भाजपा ने 2018 के उपचुनाव में उन्हें टिकट दिया लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
चुनाव के बाद नेतृत्व ने उन्‍हें प्रदेश उपाध्‍यक्ष पद की जिम्‍मेदारी सौंपी थी। उपेंद्र को व्यवहारकुशल और कार्यकर्ताओं का फिक्र रखने वाले नेता के रूप में याद रखा जाएगा. वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज कुमार त्रिपाठी, ओम्प्रकाश शुक्ल, चन्द्रमौलि मिश्र व रमाकर कृष्ण त्रिपाठी ने गहरा शोक जताया है.
पूर्वांचल में उपेंद्र दत्त शुक्ल की पहचान ब्राह्मण चेहरे के रूप में होती थी, संगठन और कार्यकर्ताओं में इनकी अच्छी पकड़ थी। प्रदेश में जब राजनाथ सिंह की सरकार थी, तो उपेंद्र दत्त गोरखपुर में पार्टी के जिलाध्यक्ष थे। उपेंद्र विद्यार्थी जीवन से ही भाजपा के प्रति काफी निष्ठावान थे। विद्यार्थी परिषद की राजनीति में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उपेंद्र दत्त शुक्ला के निधन की सूचना पर दुख जताया है।

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