पीएम मोदी ने चैंपियन्स पोर्टल लांच किया है. यहां चैंपियन्स का फुल फॉर्म क्रिएशन एंड हार्मोनियस ऐप्लिकेशन ऑफ मॉडर्न प्रोसेस फॉर इन्क्रीजिंग द आउटपुट एंड नैशनल स्ट्रेंथ है. यह पोर्टल, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय की ओर से तैयार किया गया है.
मौजूदा कोरोना संकट के बीच सरकार इस बात को बहुत अच्छे से समझ रही है कि MSME सेक्टर को मजबूत किये बगैर देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाना संभव नहीं है. यह एक ऐसा सेक्टर है, जिसका देश की जीडीपी में योगदान लगभग 30 प्रतिशत, निर्यात में 45 प्रतिशत और 11-12 करोड़ लोगों को रोजगार देता है. ऐसे में लोगों को रोजगार मिलेगा, तो मांग बनी रहेगी
चैंपियन्स पोर्टल एमएसएमई कारोबारियों को प्रोत्साहित करेगा. चैंपियन्स पोर्टल को ऑडियो, वीडियो जैसे आईटी टूल्स की मदद से बनाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी लॉन्चिंग से जुड़े एक ट्वीट में लिखा- यह MSME सेक्टर के लिए एक मंच है, जिसका उद्देश्य समर्थन, शिकायतों का हल और व्यापार के नये अवसरों की खोज करना है.
नरेंद्र मोदी डॉट इन वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चैंपियन्स (Champions) पोर्टल मूल रूप से MSMEs की शिकायतों को हल, प्रोत्साहित करने, समर्थन करने, मदद करने और व्यापार को बड़ा करने में मदद मिलेगी.
कोरोना संकट काल ने फायनांस, कच्चे माल और श्रम शक्ति समेत अन्य तरह की समस्याएं पैदा की हैं. इस पोर्टल की मदद से इन समस्याओं का समाधान होगा. इसके अलावा इस पोर्टल का उद्देश्य पीपीई, मास्क जैसे चिकित्सा उपकरणों और सहायक उपकरण का निर्माण कर उनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आपूर्ति करना शामिल है.
यह पोर्टल अपने नाम की तरह ही एमएसएमई की छोटी-छोटी इकाइयों की हर तरह से मदद कर उन्हें चैंपियन बनाएगा. चैंपियन्स पोर्टल को एमएसएमई का वन स्टॉप सॉल्यूशन माना जा रहा है. चैंपियन्स देश का पहला ऐसा पोर्टल है, जिसे भारत सरकार की मुख्य केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली यानी सीपी ग्राम्स (Centralized Public Grievance Redressal and Monitoring System) से जोड़ा गया है.
इसका मतलब यह हुआ कि अगर किसी ने सीपीग्राम्स पर शिकायत कर दी तो यह सीधे चैंपियन्स पोर्टल पर आ जाएगी. पहले यह शिकायत मंत्रालयों को भेजी जाती थी, जिसे मंत्रालय के सिस्टम पर कॉपी किया जाता था. इससे शिकायतों को निबटाने की व्यवस्था तेज होगी.


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