मीरजापुर : जज फास्ट ट्रैक कोर्ट जितेंद्र मिश्रा ने हत्या और दुष्कर्म के मामले में 2017 से गवाही देने नहीं आ रहे विवेचक दीपक दूबे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को आदेशित किया है कि लखनऊ के वजीरगंज थाने पर तैनात निरीक्षक दीपक दूबे को गिरफ्तार कर छह फरवरी 2020 तक कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही जब तक उनकी गवाही पूर्ण नहीं हो जाती है, तब तक उनका वेतन रोक दिया जाए।
अभियोजन के अनुसार अहरौरा के सत्यान गंज गांव में हुई हत्या व दुष्कर्म का मुकदमा 2011 से न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन है जिसमें अब तक पांच गवाही हो चुकी है। लेकिन घटना के मामले में विवेचक रहे थानाध्यक्ष दीपक दूबे की गवाही नहीं हो पाई है।
इसके लिए उन्हें बार बार न्यायालय में गवाही देने के लिए पत्र भेजकर बुलाया जा रहा है। बावजूद इसके वे 2017 से गवाही देने नहीं आ रहे हैं। कई बार बुलाने के बावजूद तीन साल से नहीं आ रहे विवेचक की लापरवाही देख न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। पुलिस महानिदेशक को आदेशित किया कि लखनऊ के थाना वजीरगंज में निरीक्षक के पद पर तैनात दीपक दूबे को गिरफ्तार करके छह फरवरी तक न्यायालय में पेश करें। इसके साथ ही जब तक उनकी गवाही नहीं हो जाती है तब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाए।

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