सोमनाथ सोनकर
हिन्द न्यूज़ टाइम्स
बस्ती
परिवहन निगम के एमडी डॉ राजशेखर के मैनेजमेंट का लोहा माना,योगी के आदेश पर 1000 बसों का प्रबंध,पलायित मजदूरों को मिली मदद
दिल्ली की सीमा पर मौजूद उत्तर प्रदेश के कौशांबी बस स्टेशन पर शनिवार को इतनी भीड़ जुटी की संभालने के लिए गाजियाबाद के डीएम, एसएसपी सहित आधे दर्जन से अधिक अफसरों को घंटों कैंप करना पड़ा। जब भीड़ को संभालना मुश्किल था, तब लखनऊ में बैठे उत्तरप्रदेश के एक आईएएस अफसर ने अपने मैनेजमेंट का लोहा मनवाया।
आईएएस अफसरों की प्रबंधन क्षमता कई बार मुसीबत के समय सरकारों के लिए संकटमोचक बन जाती है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए 2004 बैच के तेजतरार्र आईएएस अफसर राजशेखर कुछ ऐसे ही संकट मोचक साबित हुए। दिल्ली से आकर गाजियाबाद में फंसे हजारों मजदूर अगर शनिवार को घरों के लिए रवाना हो सके, तो इसके पीछे राजशेखर का कुशल प्रबंधन रहा। राजशेखर के मैनेजमेंट का लोहा, गाजियाबाद के जिला प्रशासन से लेकर महकमे के अफसर भी मानते नजर आए।
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर में फंसी भीड़ को लाने के लिए शुक्रवार की देर रात बसें भेजने का फैसला किया, तो उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजशेखर ने पूरे प्रदेश के आरएम से लेकर एआरएम के फोन घनघनाकर उन्हें घरों से बुलाया। एक-एक ड्राइवर घरों से बुलाया गया। हर जिले से बसें गाजियाबाद के लिए रवाना कर दीं। ताकि दिल्ली से आए हजारों गरीब लोग घरों के लिए रवाना हो सके।
शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे का वक्त था। दिल्ली की सीमा पर स्थित गाजियाबाद के कौशांबी बस स्टेशन पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्र थी, जिसमें अधिकारी ने
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