सोमनाथ सोनकर
सवांददाता
बस्ती

बस्ती,  जल निगम में तीन वर्ष पहले हुए भर्ती घोटाले की गाज अब कर्मचारियों पर गिरने लगी है। शासन ने मंडल में कार्यरत 72 जेई-एई समेत 90 की सेवा सामप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे सभी जिलों के जल निगमों में हड़कंप मच गया है। शासन की कार्रवाई से उनमें आक्रोश है।
बस्ती जिले में छह जेई और एक सहायक अभियंता सहित आठ कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसे लेकर महकमे में हड़कंप है। बस्ती में तैनात सहायक अभियंता को कुछ वर्ष पूर्व हटा दिया था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का सहारा लेकर पुन: नौकरी हासिल कर ली, अब फिर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
महराजगंज में एक सहायक अभियंता और चार अवर अभियंता समेत छह लोगों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इनमें सहायक अभियंता शादिक अहमद, अवर अभियंता अर्जुन कुमार, अंकुर वर्मा, आलोक गुप्ता, अंकित कुमार एवं लिपिक कमलेश कुमार शामिल हैं।
सिद्धार्थनगर जिले के जल निगम में 2017 की भर्ती में मेरिट में हेराफेरी कर नियुक्ति पाने वाले जिले के सात जेई और एई पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। प्रदेश मुख्यालय स्तर पर इस कार्रवाई पर जल निगम का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
 संतकबीर नगर जिले में आठ जेई, दो बाबू समेत 12 जल निगम कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया है। जिन लोगों की सेवा समाप्ति का आदेश हुआ है, उनमें निमार्ण इकाई के जेई सुधीर कुमार प्रथम, सुधीर कुमार द्वितीय, सुनील कुमार, विकास कुमार, विकास वर्मा, विकास पटेल, राजेश चौधरी व तूलिका श्रीवास्तव शामिल हैं। इसके साथ ही निमार्ण इकाई के दो बाबू साई शुभम, साबान खान और सीएनडीएस यूनिट के अंबरीश गुप्ता और
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