सोमनाथ सोनकर
बस्ती
बस्ती| लॉकडाउन में जहां चहुंओर लोग जिदगी बचाने के लिए घरों में कैद हैं,वहीं दूसरी तरफ बस्ती जिले में हुई एक शादी चर्चा का विषय बन गई है। चार बराती लेकर दुल्हा दुल्हन के घर पहुंचा और दोनों परिवारों की मौजूदगी में शादी रचाई। मामला रुधौली थाना क्षेत्र के सरैया गांव के पुरवा सैथवलिया का है। न बैंडबाजा,कोई तामझाम न ही प्रीतिभोज। बेहद सादगी के साथ हुई यह शादी पूरे दिन चर्चा में बनी रही। गिनती के लोग दोनों के परिणय सूत्र में बंधने के साक्षी बनें। इस वैवाहिक समारोह में 8 से 10 रिश्तेदार की कुल मौजूदगी रही।
सैथवलिया गांव निवासी राम किशुन की बेटी रंजू की शादी परशुरामपुर के रिधौरा गांव निवासी राम दुलारे चौरसिया के बेटे रामजी से कराई गई। प्रशासन की ओर से लड़के पक्ष को दो गाड़ी का पास जारी किया गया था। बराती-घराती सभी मास्क पहने हुए थे। दूल्हा-दुल्हन भी शादी के समय मास्क और सैनिटाइजर लिए हुए थे। हर बराती प्रत्येक रस्म पर सैनिटाइजर का प्रयोग करता रहा। यहां तक पुरोहित ने भी कोरोना वायरस से बचते हुए सजगता के साथ सभी रस्में पूरी कराईं। सोमवार की सुबह सादगी के साथ दुल्हन को ससुराल के लिए विदा कर दिया गया।
महीनों पहले तय हुआ था रिश्ता
दोनों का रिश्ता छह माह पहले तय हुआ था। 26 अप्रैल की शाम दूल्हा रामजी के साथ चार बराती सैथवलिया पहुंचे। सादे समारोह में वर और वधु पक्ष से महज आठ से दस लोगों की मौजूदगी रही। सभी ने फिजिकल डिस्टेंसिग का भी ध्यान दिया। टोले-मुहल्लों में शादी रचाने की खबर फैली तो यह चर्चा का विषय बन गई। पिता राम किशुन ने बताया कि बेटी के हाथ पीले करने के लिए मेहनत मजदूरी कर किसी तरह साजो-सामान एक वर्ष से एकत्र किए थे। अभी चार बेटियों की शादी बाकी है।


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