अमित श्रीवास्तव
हिन्द न्यूज़ टाइम्स
बस्ती
कोरोना वायरस से लड़ाई में भारत दुनिया के तमाम बड़े-छोटे देशों से काफी आगे निकल गया है. भारत में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी होने में पश्चिमी देशों के मुकाबले अधिक समय लग रहा है. आंकड़े बताते हैं कि भारत में प्रति 24 टेस्ट पर एक मरीज मिल रहा है, जबकि अमेरिका में हर 5 टेस्ट में ही एक मरीज मिल रहा है. प्रति 10 लाख की जनसंख्या के हिसाब से भी देखा जाए तो पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में मरीजों की संख्या काफी कम है.
जापान एक मरीज को ढूंढने के लिए 11.7 टेस्ट करता है तो इटली 6.7 टेस्ट, अमेरिका 5.3 टेस्ट ब्रिटेन 3.4 टेस्ट कर रहा है. दूसरी ओर, अगर भारत की हम बात करें तो यहां एक मरीज ढूंढने के लिए 24 टेस्ट करने पड़ रहे हैं.
दुनिया के दूसरे देशों में पांच हजार 10 हजार कोरोना के केस पहुंचने तक किये गए टेस्ट की बात करें तो भारत से आगे केवल कनाडा नजर आता है. कनाडा में 2,41,138 टेस्ट करने के बाद पांच हजार मरीज सामने आए थे 2,95,065 टेस्ट के बाद 10 हजार मरीज सामने आए. वहीं अमेरिका ने 1,04,073 1,39,878 टेस्ट किए थे, जबकि भारत ने इसके लिए 1,14,015 2,17,554 टेस्ट किया.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की बात करें तो भारत में 750 से 1500 1500 से 3000 मरीजों की संख्या पहुंचने में चार दिन लगे थे, लेकिन 3000 से 6000 पहुंचने में पांच दिन 6 से 12,000 पहुंचने में छह दिन लगे थे. वहीं अमेरिका में हर दूसरे दिन मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही थी. विकसित देशों की बात करें तो सबसे बेहतर प्रदर्शन कनाडा का रहा, लेकिन वहां भी मरीजों की संख्या पांच दिन में 6000 से 12000 हो गई थीभारत में 10 लाख की जनसंख्या पर महज नौ कोरोना मरीज हैं. जबकि प्रति 10 लाख की आबादी पर अमेरिका में 1946, स्पेन 3,864, इटली में 2,732, फ्रांस में 2265, जर्मनी में 1608 ब्रिटेन में 1451 कोरोना के मरीज हैं.


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