सोमनाथ सोनक
बस्ती
हर्रैया (बस्ती)। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बाद खाने-पीने की किल्लत से परेशान 42 मजदूरों का दल बृहस्पतिवार को एक ट्रक में छिपकर हर्रैया पहुंच गया। रास्ता पूछते समय किसी की नजर अंदर छिपकर बैठी महिलाओं पर पड़ी तो सूचना पुलिस को दी। पुलिस ट्रक चालक के साथ सभी को थाने ले गई।
गोंडा जनपद व गौर थाना क्षेत्र के 42 मजदूर मुंबई के विभिन्न स्थानों पर रहकर मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन के बाद सभी का कामकाज बंद हो गया तो सरकारी सहायता की आस में रखे रुपये से खर्च चला। घारीघाट थाना क्षेत्र के रहने वाले एक मजदूर ने बताया कि मुंबई में अव्यवस्था का आलम यह है कि 15 दिनों में एक बार कुछ राशन मिला था, जो पांच दिन बाद समाप्त हो गया तो वह पैदल ही गांव के लिए निकल पड़ा। कोई आठ दिन तो कोई दस दिन पहले मुंबई से पैदल निकल पड़ा। झांसी पहुंचे करीब 50 मजदूर जो बभनान के आसपास के गांवों के निवासी हैं ने ट्रक चालक से भाड़ा तय कर हर्रैया तक तो पहुंच गए, मगर यहां वह सब रास्ता भूल गए। इसी बीच किसी की नजर अंदर बैठी महिलाओं व दर्जनों लोगों पर पड़ी तो पुलिस को सूचित दी। सभी को थाने ले जाया गया है।
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