सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच चीन का कहना है कि भारत के साथ सीमा पर स्थिति 'पूरी तरह से स्थिर और नियंत्रित है' और दोनों देशों के पास बातचीत और परामर्श के जरिए मुद्दों को हल करने के लिए उचित तंत्र और संचार चैनल हैं। हाल ही में भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सैनिकों की गतिविधियों में इजाफा हुआ हैं, जिसके बाद कथित तौर पर भारत ने भी अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दिया है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच जारी गतिरोध को लेकर आई है। झाओ लिजियान ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि सीमा संबंधी मुद्दों पर चीन की स्थिति स्पष्ट और सुसंगत है।
भारतीय रक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बातचीत के माध्यम से चीन के साथ मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। इसके लिए कई चैनल उपलब्ध हैं। एस.एल.नरसिम्हन, सदस्य राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और DG समकालीन चीन अध्ययन केंद्र का इस मामले में कहना है कि इससे पहले भी भारत और चीन में इस तरह के फेस ऑफ हो चुके हैं। यह बहुत ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति नहीं है। इसे बढ़ा-चढ़ा कर बोलने की बजाय इंडियन आर्मी को अपना काम जमीन पर प्रोफेशनल तरीके से करने दें।
लोकल कमांडर्स, हायर लेवल मिलिट्री कमांडर्स और राजनयिकों के बीच में रोजाना बातचीत हो रही है। हायर लेवल मिलिट्री कमांडर्स की मीटिंग 22 और 23 को दो बार हो चुकी है। उम्मीद है कि आगे और भी मीटिंग्स जारी रहेगी। इन मीटिंग्स के जरिए ये मसला सुलझाया जा सकता है।
गौरतलब है कि लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के एक-दूसरे के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बढ़ी हुई चीनी सैनिकों की उपस्थिति के बीच भारत के लद्दाख क्षेत्र की गलवां घाटी पर चीनी दावे ने तनाव में और इजाफा किया है। उधर, उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश के साथ चीन से जुड़े हर्षिल सेक्टर में भी चीनी सैनिकों की गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है


Post A Comment: