सोमनाथ सोनकर
बस्ती
बस्तीः सिस्टम की खामियों से परेशान होकर पत्रकार बृहस्पति पाण्डेय ने खौफनाक कदम उठाते हुये कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि कम्पनी बाग चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह की सक्रियता से कोई घटना नही हुई, उन्हे सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट पर काफी देर तक अफरा तफरी मची रही। बाद में पुलिस उन्हे कोतवाली ले गयी जहां अधिकारियों ने प्रकरण की जानकरी ली।
बृहस्पति पाण्डेय ने बताया कि निछले 24 मई को उनके पड़ोसियों नारदमुनि, गौरव, अभिषेक, व ग्राम जोगिया निवासी ऋषभ त्रिपाठी पुत्र संतोष त्रिपाठी ने घर मे घुस कर मारपीट की थी। इस दौरान ऋषभ पुत्र संतोष मेरे पत्नी के सीने पर बैठ गया था और अश्लील हरकत करते हुये पत्नी के ऊपर हमला कर बैठा। इस संदर्भ में उनके द्वारा थानाध्यक्ष अनिल सिंह को तहरीर भी दिया था। लेकिन थानाध्यक्ष ने धोखे से मारपीट के मामले में एक और तहरीर लिखवा लिया। उस तहरीर को दरकिनार कर मामूली धाराओं में एनसीआर दर्ज कर आरोपियों को पूरी तरह से बचाने का प्लान बना लिया। इससे आहत होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
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बस्तीः सिस्टम की खामियों से परेशान होकर पत्रकार बृहस्पति पाण्डेय ने खौफनाक कदम उठाते हुये कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि कम्पनी बाग चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह की सक्रियता से कोई घटना नही हुई, उन्हे सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट पर काफी देर तक अफरा तफरी मची रही। बाद में पुलिस उन्हे कोतवाली ले गयी जहां अधिकारियों ने प्रकरण की जानकरी ली।
बृहस्पति पाण्डेय ने बताया कि निछले 24 मई को उनके पड़ोसियों नारदमुनि, गौरव, अभिषेक, व ग्राम जोगिया निवासी ऋषभ त्रिपाठी पुत्र संतोष त्रिपाठी ने घर मे घुस कर मारपीट की थी। इस दौरान ऋषभ पुत्र संतोष मेरे पत्नी के सीने पर बैठ गया था और अश्लील हरकत करते हुये पत्नी के ऊपर हमला कर बैठा। इस संदर्भ में उनके द्वारा थानाध्यक्ष अनिल सिंह को तहरीर भी दिया था। लेकिन थानाध्यक्ष ने धोखे से मारपीट के मामले में एक और तहरीर लिखवा लिया। उस तहरीर को दरकिनार कर मामूली धाराओं में एनसीआर दर्ज कर आरोपियों को पूरी तरह से बचाने का प्लान बना लिया। इससे आहत होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।


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