महागठबंधन में मचा घमासान ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा.लालू यादव ने घटक दलों की एकता तो मुकेश सहनी को साथ लेकर पहले ही तोड़ दिया है.अब हम पार्टी के सुप्रीमो जीतन मांझी और RLSP के नेता उपेन्द्र कुशवाहा बुरे फंसे हैं.मांझी दिल्ली से पटना लौट चुके हैं. पटना लौटे मांझी के तेवर अब भी तल्ख हैं.वो 26 को कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि उनकी पार्टी इस डेडलाइन तक कोऑर्डिनेशन कमिटी बनने का इंतजार करेगी. उसके पार्टी अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं.
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव कोऑर्डिनेशन कमिटी की मांग को लेकर जीतनराम मांझी को आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद से बात करने की सलाह दे चुके हैं.तेजस्वी यादव की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को दिखाए गया तेवर नागवार गुजरा है. यह सब तब हो रहा है जब एक दिन पहले ही शाम को महागठबंधन के सभी दलों की वर्चुअल मीटिंग में साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही गई थी. लेकिन, तेजस्वी यादव के बयान ने एक बार फिर मांझी के तेवर को तल्ख कर दिया है.
गौरतलब है कि मांझी कांग्रेस आलाकमान के बुलावे पर मंगलवार को दिल्ली गए थे. उसी रात उनकी कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल (Ahmed Patel) से मुलाकात हुई थी. साथ में कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) और आरएलएसपी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) भी थे. उसके अगले ही दिन बुधवार की शाम महागठबंधन के नेताओं की वर्चुअल मीटिंग बुलाई गई, जिसमें कांग्रेस समेत सभी दलों के नेता शामिल हुए. इस मीटिंग में हम की तरफ से पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी खुद थे, जबकि आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी और शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल की तरफ से अर्जुन राय ने शिरकत की. कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, बिहार विधानसभा में सीएलपी लीडर सदानंद सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा मौजूद रहे. जबकि सबसे महत्वपूर्ण रहा आरजेडी का इस वर्चुअल मीटिंग में शामिल होना. आरजेडी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तो शामिल नहीं हुए, लेकिन आरजेडी के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यसभा सांसद मनोज झा ने अपनी बात रखी.


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